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स्वप्नदोष :-आज मानव आधुनिक जीवन शैली को अपनाने के क्रम में दृश्य -श्रव्य साधनों को अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बना लिया है ।दृश्य -श्रव्य साधनों जैसे  सिनेमा ,टेलीविजन ,पत्र -पत्रिकाओं में नग्नता ,अश्लीलता  का बोलवाला हो गया है ,जिसे विश्व जनमानस बड़ी सहजता से स्वीकार कर लिया है ;जिसका प्रभाव उनके मन-मस्तिष्क में अपना स्थायी निवास बना लिया है ।

लक्षण :-मनुष्य के रात में सोने के उपरांत तमाम प्रकार की विचारधाराएं मानव मस्तिष्क में कामोत्तेजक विचारों के रूप में नग्न,अश्लील चित्रों के आ जाने ही उनके जननांगों में उत्तेजना आ जाती है ,परिणामस्वरूप वीर्य स्खलित (निकल जाना )हो जाता है ,जिसे मानव समुदाय स्वप्नदोष का नाम देते हैं।

उपचार :-(१)चक्रफूल (स्टार ऐनिस)के तेल का मसाज करने से चिंता ,तनाव ,दूर भागते हैं और मन को शांति एवं सुकून मिलता है ,फलस्वरूप नींद अच्छी आती है,और मन में नकारात्मक विचार नहीं आने से स्वप्नदोष नहीं होता है ।

 (२)सेमर का मूसरा (जड़ )को बारीक कूट पीस कपड़छान कर खाने से वीर्य पत्थर के सामान मजबूत हो जाता है और स्वप्नदोष की समस्या दूर हो जाती है \

(३)आठ  तोला काळा तिल, छः टोला दाना पोस्त ,चार तोला बिनौला की गिरी औरदो तोला मग्ज तुख्म कर्र सबको बारीक कूट पीस कपड़छान कर दूनी शक्कर मिला कर रख लें और एक तोला गाय के दूध के साथ लेने से स्वप्नदोष नहीं होगा ।


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