uric acid disease

यूरिक अम्ल रोग :-आजकल की जीवन शैली के कारण अनेक प्रकार की व्याधियों में यूरिक अम्ल रोग बहुत तेजी से लोगों को प्रभावित कर रहा है।यूरिक अम्ल एक कार्वनिक यौगिक है,जो कार्वन,हाइड्रोजन,ऑक्सीजन और नाइट्रोजन तत्त्वों से बना होता है।यह यौगिक शरीर को प्राप्त प्रोटीन से एमिनो अम्ल के रुप में प्राप्त होता है।पाचन की प्रक्रिया के दौरान जब प्रोटीन टूटता है तो शरीर में यूरिक अम्ल बनता है और जब शरीर में प्यूरिन न्यूक्लिओटाइडों टूट जाती है तो यूरिक अम्ल का जन्म होता है।बढ़ते हुए शिशुओं,बच्चों,युवाओं और गर्भवती स्त्रियों को ज्यादा प्रोटीन की आवश्यकता होती है ;किन्तु 25 वर्ष की उम्र के बाद शारीरिक परिश्रम कम करने वाले व्यक्तियों के लिए अधिकता में प्रोटीन से भरपूर आहार लेना ही यूरिक अम्ल का कारण सिद्ध होता है।

लक्षण:- मांसपेशियों में सूजन,हाथ और पैरों की अँगुलियों के जोड़ों में दर्द,शरीर में दर्द आदि यूरिक अम्ल के मुख्य कारण हैं।

कारण:- (1) प्रोटीनयुक्त भोजन का अत्यधिक प्रयोग जैसे-रेड मीट,समुद्री आहार,रेड वाइन,दाल,राजमा,गोभी,टमाटर,पालक,मटर,पनीर,भिंडी,अरबी,चावल आदि (2) शराब का अधिक सेवन (3) वजन के बढ़ने से (4) पानी का कम पीने के कारण (5) प्युटीन युक्त भोजन के अत्यधिक प्रयोग के कारण (6) ओमेगा-3 फैटी एसिड का ज्यादा प्रयोग करने के कारण ।

उपचार:- (1) चेरी,स्ट्राबेरी,ब्लूबेरी के सेवन से यूरिक अम्ल का नाश हो जाता है।

             (2) अनानास के सेवन से यूरिक अम्ल समाप्त हो जाता है ;क्योंकि अनानास में पाए जाने वाला ब्रोमेलाइन जो एंटी इन्फ्लेमेंटरी तत्त्वों से 

                  भरपूर होती है ;जिससे यूरिक अम्ल समाप्त हो जाता है ।

             (3) अजवाइन को दो कप पानी में उबालें और जब एक कप पानी रह जाय तो छानकर पीने से यूरिक अम्ल का बड़ी शीघ्रता से नाश 

                   हो जाता है।

             (4) भरपूर मात्रा में पानी पीने से यूरिक अम्ल पेशाब के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है।

             (5) जैतून के तेल में बना हुआ आहार के सेवन से भी यूरिक अम्ल का नाश हो जाता है।

             (6) निम्बू के रस के सेवन करने से भी यूरिक अम्ल का नाश हो जाता है।

             (7) एक गिलास जल में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलकर पीने से यूरिक अम्ल का नाश हो जाता है ;किन्तु रक्तचाप के मरीज 

                  इसका उपयोग ज्यादा न करें।


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