yellow fever

पीत ज्वर:- पीत ज्वर एक संक्रामक बीमारी हैं ,जो अकस्मात् आरम्भ होता हैं।इसकी तीव्रता बहुत अधिक होती हैं। इसमें ज्वर जाड़ा देकर आता हैं।यह बीमारी स्टीगोमिया फेसियाटा जाति के मच्छरों के काटने पर एक सूक्ष्म विषाणु के द्वारा होता हैं।इस रोग से उत्पन्न विकृति के प्रभाव लीवर,गुर्दे और रक्तवाहनियों में परिलक्षित होते हैं।पीत ज्वर में वमन( कॉफी रंग का),नाड़ी की गति मंद,काले दस्त,मूत्र में एल्बुमिन की मात्रा,पित्तयुक्त मूत्र,रक्तस्राव,रक्तचाप की कमी एवं पीलिया के लक्षण पाए जाते हैं।

लक्षण:-तीव्र ज्वर आना,सिरदर्द,ठण्ड लगना,पीठ दर्द,गंभीर परिस्थिति में मुँह से खून आना,भूख न लगना,वमन,साँस लेने में तकलीफ आदि पीत ज्वर के मुख्य लक्षण हैं।

उपचार:-(1)आंवला,चीता की जड़,हरड़,पीपरी और सेंधा नमक सबको समान भाग लेकर चूर्ण बना लें और एक चम्मच सुबह -शाम खाकर गुनगुना पानी पीने से पीतज्वर का नाश हो जाता हैं।

            (2 )तुलसी के पत्तों को एक लीटर पानी में उबालें ,जब आधा लीटर रह जाए तो एक छोटा चम्मच काली मिर्च चूर्ण और तीन- चार चम्मच शहद डालकर काढ़ा बना लें।दिन में सुबह -दोपहर -शाम दो -दो 

                 चम्मच पीने से पीतज्वर नष्ट हो जाता हैं।

             (3)जौ एक पाव को एक लीटर जल में डालकर धीमी आंच पर गरम करें ,जब आधा लीटर जल शेष रहे तो छान कर रख लें और इसे सुबह -शाम सेवन करने से पीतज्वर समूल नष्ट हो जाता हैं। 

 


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