mahapadmak

महापद्मक :-लक्षण :-बच्चों में यह रोग मूत्राशय एवं मस्तक में होता है।यह एक प्रकार का बिसर्प रोग है ।इसमें कभी लाल कभी खर्दरी काँटोवाला 

कोई नीला और लाल मिश्रित बुझे हुए अंगारे के समान फुंसियां होतीं हैं ।यह अत्यंत शीघ्रता से फैलता है ।रोगी की संज्ञा नष्ट हो जाती है और बच्चा बैचैन हो जाता है ।

लक्षण:- बच्चों का लगातार रोना,शरीर व चेहरे पर छोटे -छोटे दाने,बच्चे की साँस असामान्य होना ,बच्चों का दूध न पीना आदि महापद्मक बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। 

उपचार :-(१) बड़,गूलर ,पीपर ,पाकड़ ,वेंत ,जामुन ,मुलेठी ,मजीठ ,चन्दन खाश और पद्माख को बारीक पीसकर लेप करने से रोग नष्ट हो जाता है 


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