vaginal dryness

योनि का सूखापन :- जन्म से लेकर आयु के अधिक होने के दौरान अलग -अलग परिवर्तन आना प्रकृति का नियम है। स्त्रियों में योनि का सूखापन महसूस करना भी एक ऐसा ही परिवर्तन है।वास्तव में स्त्रियॉं रजोनिवृत्ति की अवस्था में पहुँचने के बाद अक्सर योनि में सूखापन अनुभव करने लगती है और सम्भोग के दौरान अत्यंत कष्ट का अनुभव करती हैं।वास्तव में योनि की दीवारों पर एस्ट्रोजन की मदद से तरल पदार्थ का स्राव होता हैं और सम्भोग क्रिया को आनंदप्रद बनाती हैं। किन्तु जब एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती हैं तो योनि में सूखापन की स्थिति हो जाती हैं।

लक्षण :- योनि के अंदर एवं आसपास खुजली होना,सम्भोग के समय अत्यंत कष्ट होना,सम्भोग की इच्छा में कमी,बार-बार यूरिन त्याग करना,सम्भोग के दौरान रक्त आना,योनि में इंफेक्शन होना,बार-बार यूरिनल इंफेक्शन होना आदि योनि के सूखापन के प्रमुख लक्षण हैं।

कारण :- रजोनिवृत्ति,एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी,शिशु के जन्म के समय,तनावपूर्ण जीवनशैली,धूम्रपान,अत्यधिक शराब का सेवन,शरीर के गर्भाशय का निकल जाना,रोग प्रतिरोधक शक्ति में कमी होना,कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी के कारण,दवाओं का प्रतिकूल प्रभाव,योनि में सुगन्धित स्प्रे आदि योनि के सूखापन के मुख्य कारण हैं।

उपचार :-  (1) दैनिक आहार में सोडियम,पोटेशियम,कैल्सियम,प्रोटीन युक्त आहारों के सेवन द्वारा योनि में नमी प्राकृतिक रूप से बनाये रख 

                    सकते हैं।

               (2) दैनिक आहार में सोया उत्पाद,अलसी के बीज,मेथी के बीज आदि के नियमित सेवन से योनि के सूखापन को दूर किया जा 

                    सकता हैं।

               (3) फैटी एसिड,ओमेगा -3  आदि को आहार में शामिल करने से योनि का सूखापन दूर हो जाता हैं।

               (4) कच्चा पपीता,सफ़ेद टिल,सूरजमुखी के बीज आदि के नियमित सेवन से योनि के सूखापन को दूर किया जा सकता हैं।

               (5) मांसाहारी आहार सेलोमन मछली के सेवन से योनि के सूखेपन से बचा जा सकता हैं।

               (6) नियमित व्यायाम करने से रक्त का संचरण समुचित रूप में होने से योनि का सूखापन प्राकृतिक रूप से दूर हो जाता हैं।


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