pimple disease

मुँहासा या पिटिका रोग :- मुंहासा एक सामान्य रोग है जो प्रायः 14 से 30 साल तक की उम्र में ज्यादा होता है।यह तैलीय त्वचा वाले लोगों को अधिक होते हैं।मुंहासे वास्तविक रूप से तेल ग्रंथियों से सम्बंधित एक विकार है,जो हार्मोनल परिवर्तनों के फलस्वरूप यानि हार्मोन असंतुलन की वजह से होता है।त्वचा में स्थित रोम छिद्र तेलग्रंथि वाली कोशिकाएं से जुड़ी होती हैं और जब हार्मोन असंतुलित होता है;तब यह रोम छिद्रों को अवरुद्ध कर देता है।परिणामस्वरूप त्वचा अपनी स्निग्धता बरक़रार रखने में असहज महसूस करने लगती है।यही वजह मुहांसे का कारण बनती है।

मुहांसे का प्रकार :- व्हाइट हेड्स ,ब्लैक हेड्स ,पेपुल्स,दाना,नोड्यूल एवं पुटी (cyst)आदि मुहांसे के प्रकार हैं।

लक्षण :- चेहरे पर लालपन लिए हुए फुंसियां,गाल व नाक के आसपास फुंसियां,त्वचा के नीचे मवाद का बनना,काले छोटे-छोटे धब्बे हो जाना,चेहरे पर बंद छिद्रित छिद्र,खुली छिद्रित छिद्र,आदि मुहांसे के प्रमुख लक्षण हैं।

कारण :- हार्मोनल असंतुलन,पाचन तंत्र में दिक्क्तें,नींद की कमी,क्रीम,लोशन आदि का अधिक प्रयोग करना,अत्यधिक चाय।कॉफ़ी का उपयोग,वासा ग्रंथियों के स्राव का रुक जाना,तनाव,वंशानुगत,जंक एवं फ़ास्ट फ़ूड का अत्यधिक प्रयोग करना आदि मुहांसे के मुख्य कारण हैं।

उपचार :- (1) कच्चे दूध में नींबू मिलाकर रुई द्वारा चेहरे को साफ करने से मुहांसे धीरे-धीरे ठीक हो जाते हैं।

              (2) मुल्तानी मिट्टी में नींबू व टमाटर का रस मिलाकर मुहांसे पर लगाकर और आधे घंटे बाद साफ कर लेने से कुछ ही दिनों में ठीक 

                    हो जाता है।

              (3) मुल्तानी मिट्टी में चन्दन पाउडर और गुलाब जल मिलाकर मुहांसे पर लगाने से ठीक हो जाते हैं।

              (4) एक चम्मच तुलसी के पत्तों का पाउडर,एक चम्मच नीम के पत्तों का पाउडर एवं एक चम्मच हल्दी पाउडर गुलाब जल के साथ 

                    मिलाकर मुहांसे पर लगाने से ठीक हो जाता है।

              (5) मसूर की दाल का पाउडर बनाकर रख लें और दो चम्मच में चुटकी भर हल्दी,नींबू की कुछ बूंदें,दही मिलाकर मुहांसे पर लगाने 

                   से ठीक हो जाता है।

              (6) खीरे का रस,टमाटर का रस,मुल्तानी मिट्टी,हल्दी चूर्ण,चन्दन पाउडर सबको मिलाकर मुहांसे पर लगाने से ठीक हो जाता है।


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