रक्त में यूरिया बढ़ना :- मानव शरीर में किडनी हमारे शारीरिक अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है;किन्तु जब किडनी सुचारु रूप से कार्य नहीं करता है तो रक्त में यूरिया की मात्रा बाद जाती है।मानव शरीर के लिए यह एक आपातकालीन समस्या है।यदि समय रहते इसका उपचार नहीं किये जाने पर गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है और किडनी पूर्णरूपेण कार्य करने में असमर्थ हो जाता है।अंततः मनुष्य की जीवनलीला समाप्त हो जाती है।वास्तव में यूरिया किडनी खराबी का एक साइड प्रभाव है,जिसका उपचार आवश्यक है।

लक्षण :- कमजोरी,जल्द थकान,मितली एवं उल्टी,भूख न लगना,भ्रम,दिल की धड़कन अनियमित,पैरों एवं टखनों के आसपास सूजन,बार -बार पेशाब आना,सुखी खुजलीदार त्वचा आदि रक्त में यूरिया बाद जाने के प्रमुख लक्षण हैं।

कारण :- मधुमेह,उच्च रक्तचाप,गंभीर चोट,संक्रमण,प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि,ग्लोमेरुली में सूजन,कैंसर,किडनी रोग,किडनी में पथरी,धूम्रपान,शराब का सेवन,काम पानी पीना आदि रक्त में यूरिया बाद जाने के मुख्य कारण हैं।

उपचार :- (1) पुनर्नवा के पत्तों का रस प्रतिदिन दो -दो चम्मच सुबह- शाम सेवन करने से किडनी ठीक तरह से काम करने लगता है और रक्त 

                    में यूरिया नियंत्रित हो जाती है।

              (2) पुनर्नवा के पत्तों का शाक के रूप में सेवन करने से किडनी सुचारु रूप से कार्य करने लगता है और रक्त में यूरिया की समस्या 

                    दूर हो जाती है।

              (3) खीरा,लौकी,पत्तागोभी एवं गाजर का जूस प्रतिदिन सुबह -शाम पीने से किडनी अपना कार्य सुचारु रूप से करने लगता है और 

                    रक्त में यूरिया की मात्रा नियंत्रित हो जाती है।

              (4) पीपल की छाल 10 ग्राम,नीम की छाल 10 ग्राम तीन गिलास पानी में डालकर उबालें और आधा रह जाने पर छानकर सुबह 

                    -दोपहर -शाम पीने से किडनी सही तरह काम करने लगता है और रक्त में यूरिया की मात्रा नियंत्रित हो जाती  है।

              (5) कासनी के पौधे की दो -दो पत्तियों को प्रतिदिन सुबह -शाम चबाने से किडनी स्वस्थ हो जाती है और रक्त में यूरिया की मात्रा 

                   नियंत्रित हो जाती है। 


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