hypothermia disease

हाइपोथर्मिया रोग :- हाइपोथर्मिया शरीर के तापमान में एक महत्त्वपूर्ण एवं संभावित खतरनाक कमी की वजह से होता है।सर्दी का मौसम बच्चों,बुजुर्गों,डायबिटीज के मरीजों एवं एंटी डिप्रेशन की दवा और नशीले पदार्थों के सेवन करनेवालों के लिए अत्यंत खतरनाक सिद्ध होता है।ज्यादा सर्दी की वजह से शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस मेंटेन नहीं रख पाने के कारण उनके लिए जानलेवा की स्थिति हो जाती है।खासकर बच्चों एवं बुजुर्गों जो ज्यादा देर तक ठण्ड में रहने के कारण उनका मेटाबोलिक रेट ज्यादा कम हो जाता है और शरीर नॉर्मल बॉडी टेम्परेचर मेंटेन नहीं कर पता है,नतीजन हाइपोथर्मिया का शिकार हो जाता है।वास्तव में शरीर का नॉर्मल टेम्परेचर बनाये रखने के लिए मानव शरीर में एक सिस्टम होता है,जिसे थर्मोस्टेट ( हाइपोथैलेमस ) कहते हैं।थर्मोस्टेट मानव शरीर को ठण्ड से बचाये रखने के लिए सदैव तत्पर रहता है;किन्तु जब हमारा शरीर ज्यादा ठण्ड का सामना करता है तो काँपने लगता है और यह स्थिति ज्यादा देर तक रहने के कारण हाइपोथर्मिया से पीड़ित हो जाता है।

लक्षण :- जल्दी - जल्दी साँस लेना,कंपकपी,त्वचा का ठंडा पद जाना,सर्दी - जुकाम हो जाना,नाक से पानी आना,लगातार छींके आना,आँखों से  पानी आना,बदन दर्द,सिर दर्द,आँखों में भारीपन,गले में खराश,गले में दर्द,सीने में जकड़न,साँस लेने में आवाज आना आदि हाइपोथर्मिया के प्रमुख लक्षण हैं।

कारण :- ज्यादा देर तक ठण्ड में रहना,कपड़े कम पहनना,डायबिटीज का मरीज होना,एंटी डिप्रेशन दवा का प्रयोग,नशीले पदार्थों का अत्यधिक प्रयोग,सर्दी - जुकाम का होना,मांसपेशियों में ऑक्सीजन कम हो जाना,धमनियों में फैट ( वसा ) का जमा होना,ब्लड प्रेशर का होना,मोटापा आदि हाइपोथर्मिया के मुख्य कारण हैं।

उपचार :- (1) शतावरी चूर्ण का सेवन गुनगुने दूध में मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम करने से हाइपोथर्मिया के बीमारी से निजात मिल जाती है।

(2) दूध में केशर मिलाकर पीने से हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(3) अदरक की चाय पीने से हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(4) प्याज के रस में शहद मिलाकर पीने से भी हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(5) हल्दी चूर्ण को शहद में मिलाकर सेवन करने से हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(6) तिल के तेल के सेवन से भी हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(7) दालचीनी पाउडर को शहद में मिलाकर सेवन करने से हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(8) आंवला चूर्ण के सेवन से भी हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(9) लहसुन को तवे पर भून लें और छिलका उतार कर सेवन करने से हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(10) शहद,काली मिर्च एवं तुलसी के नियमित सेवन से भी हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।

(11) अश्वगंधा पाउडर का सेवन करने से भी हाइपोथर्मिया की बीमारी दूर हो जाती है।


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