sinusitis disease

साइनस या वायु विवर शोथ रोग :- साइनस या वायु विवर शोथ एक अत्यंत कष्टप्रद स्थिति है,जो नाक एवं चेहरे के आसपास स्थित वायु विवर या साइनस छिद्रों में गतिरोध उत्पन्न होने के कारण होता है। साइनस छिद्रों में गतिरोध सामान्यतः बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण होने वाला जुक़ाम है। जुक़ाम के कारण नाक का बंद हो जाना,नाक से पानी जैसा तरल पदार्थ का स्राव होना और ऐसी स्थिति ज्यादा दिनों तक रहने के कारण साइनस छिद्रों में म्यूकस का जमा हो जाना ही मुख्य रूप से साइनस की स्थिति उत्पन्न करती है। साइनस से पीड़ित व्यक्ति सर्दी के मौसम में सामान्यतः अधिक कष्ट का अनुभव करता है। साइनस में नाक का बंद हो जाना,नाक से पानी जैसा तरल स्राव निकलना,सिर में दर्द,सिर के आधे भाग में तेज दर्द का अनुभव करना,बार - बार छीकें आना,आँखों के दोनों पलकों के आसपास दर्द अनुभव करना,सिर में भारीपन,कार्य करने में मन नहीं लगना,एकाग्रता की कमी आदि परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साइनस के संक्रमण की स्थिति बहुत अधिक दिनों तक रहने पर नाक के अंदर मांस का बढ़ जाना,नाक में टेढ़ापन यानि नाक की हड्डियों में विकार,साँस लेने में दिक्कत,गंभीर सिर दर्द,अस्थमा,दमा आदि भी होने की संभावना बन सकती है। अतः चिकित्सक से परामर्श एवं उपचार कराना आवश्यक हो जाता है ताकि इसके गंभीर परिणामों से बचा जा सके। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में नाक की सर्जरी ही एकमात्र साइनस का उपचार है किन्तु आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा साइनस का उपचार बेहतर विकल्प माना गया है एवं साथ ही संयमित खान - पान और जीवन शैली को अपनाकर इसके गंभीर दुष्परिणामों से बहुत हद तक बचा जा सकता है। 

साइनस के प्रकार : - साइनस कई प्रकार के होते हैं -

1 एक्यूट साइनस : - जब कोई व्यक्ति बैटीरिया  के संपर्क में आता है और संक्रमित होता है। 

2 क्रोनिक साइनस : - इसमें नाक के आसपास की कोशिकाओं में शोथ यानि सूजन का आ जाना और कष्ट का अनुभव होना। 

3 डेविएटेड साइनस : - इसमें नाक में म्यूकस यानि बलगम का भर जाना और नाक का बंद हो जाना। 

4 एलर्जी साइनस : -  व्यक्ति का शरीर अत्यंत संवेदन शील होने के कारण उसे प्रदूषण,धूल कणों के संपर्क में आने,धुंआ युक्त वातावरण में अधिक समय तक रहने,पालतू पशुओं के संपर्क में आने से होता है। 

लक्षण :- सिरदर्द,बदन दर्द,बुखार एवं बेचैनी,घ्राण शक्ति में कमी,थकान,खांसी,नाक से पानी आना,नाक बंद हो जाना,आँखों के ऊपर दर्द,साँस लेने में तकलीफ,चेहरे की मांसपेशियों में दर्द,गले में दर्द,आवाज में बदलाव आदि साइनस या वायु विवर शोथ रोग के प्रमुख लक्षण हैं। 

कारण :- साइनस या वायु विवर छिद्रों में गतिरोध,बैक्टीरिया एवं फंगल इंफेक्शन,जुकाम होना,अस्थमा,पोषक भोज्य पदार्थों की कमी,प्रदूषण ,धूल धुंआ आदि से युक्त जगहों में अधिक समय तक रहना,आनुवांशिक कारण यानि पारिवारिक इतिहास,एलर्जी होना, रोग प्रतिरोधक शक्ति का कमजोर होना, आदि साइनस या वायु विवर शोध रोग के मुख्य कारण हैं। 

उपचार :- (1) प्याज के रस की दो - तीन बूंदें प्रतिदिन सुबह - शाम नाक में डालने से साइनस या वायु विवर शोथ रोग ठीक हो जाता है। 

(2) सहजन की फली से रस या सूप निकालें और उसमें अदरक लहसुन,प्याज एवं काली मिर्च डालकर काढ़ा बनाकर पीने से साइनस या वायु विवर शोथ रोग हमेशा के लिए ठीक हो जाती है। 

(3) मेथी के दो चम्मच दाने को पानी में उबालकर प्रतिदिन सुबह - शाम सेवन करने से साइनस की बीमारी ठीक हो जाती है। 

(4) नमक,बेकिंग सौदे का इश्तेमाल नाक की धुलाई में करने से साइनस की बीमारी समाप्त हो जाती है। 

(5) पालक के प्रयोग द्वारा भी साइनस की समस्या समाप्त हो जाती है। 

(6) एक कप पानी में एक चम्मच सेब के सिरके के सेवन से भी साइनस की समस्या ठीक हो जाती है। 

(7) टमाटर एवं लहसुन डालकर सूप बनाकर उसमें काला नमक डालकर पीने से साइनस की समस्या दूर हो जाती है। 

(8) चकोतरा के रस की 10 बूंदों को एक बड़ा कप पानी में मिलाकर प्रतिदिन सुबह - शाम पीने से साइनस की समस्या से निजात मिल जाती है। 

(9) गाय के घी की दो - तीन बूंदें नाक में प्रतिदिन डालने से साइनस या वायु विवर शोथ दूर हो जाता है। 

(10) सरसों तेल की दो - तीन बूंदें नक् में प्रतिदिन डालने से साइनस रोग ठीक हो जाता है। 

11 प्याज को कद्दूकश करके पानी में उबालें और भांप लेने से साइनस या वायु विवर शोथ रोग दूर हो जाता है। 

12 टी ट्री आयल की चार - पांच बूंदें गरम पानी डाले और भांप लेने से साइनस या वायु विवर शोथ रोग में अत्यंत शीघ्रता से आराम मिलता है। 

13 अदरक के टुकड़ों को पानी में उबालें और थोड़ा सा काली मिर्च पाउडर डालकर सेवन करने से साइनस में बहुत फायदा होता है। 

14 टमाटर,लहसुन,नमक को मिलाकर पीस लें और सूप बनाकर उसमें थोड़ा सा काली मिर्च पाउडर मिलाकर सेवन करने से साइनस या वायु विवर शोथ रोग में बहुत लाभ होता है। 

15 अदरक,तुलसी,लौंग एवं इलायची युक्त चाय पीना साइनस या वायु विवर शोथ रोग में बहुत लाभदायक होता है।

परहेज : - म्यूकस बनाने वाले आहार जैसे - मैदे से बनी चीजें,अंडे,तली - भुनी प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ,कैफीन,चावल,दही,केला,आइसक्रीम,कोल्ड ड्रिंक्स,तीखा एवं खट्टा पदार्थ। 

योग,आसान एवं प्राणायाम : - अनुलोम - विलोम,कपालभाति,भ्रामरी,सूत्र नेति,जल नेति आदि। 


  बच्चों के रोग

  पुरुषों के रोग

  स्त्री रोग

  पाचन तंत्र

  त्वचा के रोग

  श्वसन तंत्र के रोग

  ज्वर या बुखार

  मानसिक रोग

  कान,नाक एवं गला रोग

  सिर के रोग

  तंत्रिका रोग

  मोटापा रोग

  बालों के रोग

  जोड़ एवं हड्डी रोग

  रक्त रोग

  मांसपेशियों का रोग

  संक्रामक रोग

  नसों या वेन्स के रोग

  एलर्जी रोग

  मुँह ,दांत के रोग

  मूत्र तंत्र के रोग

  ह्रदय रोग

  आँखों के रोग

  यौन जनित रोग

  गुर्दा रोग

  आँतों के रोग

  लिवर के रोग