dandruff disease

बालों में रुसी रोग :- बालों में रुसी आमतौर पर एक साधारण विकार है,जो डेड स्किन सेल्स के रूप में जाना जाता है;किन्तु यह एक निरंतर समस्या हो जाने पर बालों का झड़ना आदि शुरु हो जाता है।आज के वर्तमान परिवेश में बालों में रुसी एक आम समस्या के रूप में दृष्टिगोचर हो रहा है।बालों में रुसी से युवाओं की आधी आबादी प्रभावित है।रुसी की प्रबलता में उतार - चढाव मौसम के अनुसार हो सकता है,लेकिन जब ज्यादा मात्रा में बनने लगे तो उपचार की अत्यावश्यकता है।रुसी से प्रभावित लोगों को सामाजिक रूप से बहुत कठिनाई पैदा करती है।

लक्षण :- लालिमा युक्त त्वचा,सूजन युक्त त्वचा,हार्मोन्स सम्बन्धी बदलाव,बालों का गिरना,खुजली आदि बालों में रुसी के प्रमुख लक्षण हैं।

कारण :- तनाव,अत्यधिक थकावट,मौसम में बदलाव,त्वचा विकार,अल्कोहल एवं तेल युक्त त्वचा लोशन,गंदगी युक्त सिर,नियमित स्नान न करना,आनुवांशिक कारण,फफूंद युक्त संक्रमण,ड्राई स्किन,विटामिन की कमी आदि बालों में रुसी के मुख्य कारण हैं।

उपचार :- (1) एलोवेरा जेल की सिर में मालिश करने एवं सूख जाने पर धो लेने से बालों की रुसी ठीक हो जाती है।

(2) विटामिन युक्त समृद्ध आहार,प्रोटीन,सब्जियां - पालक ककड़ी,चुकुन्दर,गाजर,फल - सेब,अंगूर आदि के नियमित सेवन से बालों की रुसी 

      ठीक हो जाती है।

(3) नीम के पत्तों को पीसकर उसे बालों में लगाने और कुछ देर बाद धोने से बालों की रुसी समाप्त हो जाती है।

(4) सेब के सिरके को बालों में सुबह लगाएं और कुछ देर बाद धो लेने से बालों की रुसी दूर हो जाती है।

(5) नारियल तेल की मालिश से भी बालों की रुसी दूर हो जाती है।

(6) बालों में दही को लगाएं और कुछ देर बाद धो लेने से भी बालों की रुसी दूर हो जाती है।

(7) नारियल तेल में नीम्बू का रस मिलाकर लगाने से बालों की रुसी दूर हो जाती है।

(8) ग्रीन टी को बालों में लगाने से भी बालों की रुसी दूर हो जाती है।


hair disease

गंजापन रोग :-वर्तमान समय में प्रदूषित जल एवं सौंदर्य प्रसाधन की वजह से लोगों के सिर के बाल बहुत कम होने लगते हैं।जब असामान्य रूप से बहुत तेजी से बाल झड़ते हैं और नए बाल उतनी तेजी से नहीं उग पाते हैं तब एक ऐसी स्थिति आती है कि सारे बाल गायब हो जाते हैं और इसे ही गंजापन कहा जाता है।गंजापन कई प्रकार के होते हैं -(1) एंड्रोजेनिक एलोपेसिया --यह मुख्य रूप से टेस्टोस्टेरॉन नामक हार्मोन बदलाव के कारण होता है और यह आनुवांशिक कारणों से होता है।(2) एलोपेसिया एरीटा -इसमें सिर के बाल जहाँ -तहाँ हिस्से से गायब होने लगते हैं।यह शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति  कम होने के कारण होते है। (3) ट्रैक्शन एलोपेशिया - यह लम्बे समय बाल के खींचे रहने के कारण होते हैं।

लक्षण :- सिर से धीरे-धीरे बालों का झड़ने लगना,गंजेपन के गोल धब्बेदार निशान,अकस्मात् बाल झड़ना,पूरे शरीर के बालों का झड़ना,दाद के धब्बे पूरी खोपड़ी पर फैलना आदि गंजापन के प्रमुख लक्षण हैं। 

कारण :- मानसिक तनाव,गर्भावस्था,कुछ दवाओं का प्रभाव,प्रोटीन की कमी,विटामिन -बी की कमी,कुपोषण,उम्र बढ़ना,खोपड़ी में संक्रमण,खून की कमी,एलोपीशिया,वजन का अचानक घटना,कीमोथेरेपी,आनुवांशिक कारण,थायरॉइड आदि गंजापन के प्रमुख कारण हैं।

उपचार :- (1) एरंडी के तेल,जैतून के तेल,नारियल के तेल,पटसन के बीज के तेल और बादाम के तेल के मिश्रण से सिर का मसाज प्रतिदिन 

                   करें।अंडे,शुद्ध जैविक नारियल तेल,शुद्ध शहद और दो चम्मच नीम्बू के रस का मास्क लगाकर आधा घंटा रहने दें और शैम्पू 

                   करें।उसके बाद दानेदार चीनी और जैतून के तेल के साथ मिलाकर स्क्रब बनायें तथा सिर में लगाकर दो से तीन मिनट में धो लें। 

                   ऐसा करने से बाल उग आते हैं।

              (2) सफ़ेद प्याज के रस की मालिश से गंजे सिर में बाल उग आते हैं।

              (3) मेथी के बीजों के तेल की मालिश से भी गंजे सिर में बाल उग आते हैं।

              (4) अमरुद की पत्तियां को एक लीटर जल में डालकर उबालें और जब एक चौथाई रह जाये तो गंजेपन पर लगाने से बाल उगने 

                    लगता है।

             (5) आंवला,बादाम,नारियल एवं जैतून के तेलों के मिश्रण से मसाज करने से सिर पर बाल उगने शुरू हो जाते हैं।

             (6) सेब का सिरका दो चम्मच एक कप पानी में मिलाकर सिर की मसाज करने से बाल उग आते हैं।

 

 


  बच्चों के रोग

  पुरुषों के रोग

  स्त्री रोग

  पाचन तंत्र

  त्वचा के रोग

  श्वसन तंत्र के रोग

  ज्वर या बुखार

  मानसिक रोग

  कान,नाक एवं गला रोग

  सिर के रोग

  तंत्रिका रोग

  मोटापा रोग

  बालों के रोग

  जोड़ एवं हड्डी रोग

  रक्त रोग

  मांसपेशियों का रोग

  संक्रामक रोग

  मूत्र तंत्र के रोग

  ह्रदय रोग

  आँखों के रोग

  यौन जनित रोग

  गुर्दा रोग

  आँतों के रोग

  लिवर के रोग