adenoids disease

बधिरता रोग :- बधिरता या बहरापन कान की एक आम बीमारी है,जिसमें सुनने की क्षमता आंशिक एवं सम्पूर्ण रूप से समाप्त हो जाती है। बधिरता के कारन मनुष्य का सामाजिक जीवन प्रभावित होकर मानसिक परेशानियों का भी कारण बन जाता है। कान के अंदर मेलियस,इन्कस और स्टेपीज हड्डियों के माध्यम से ध्वनि तरंगें कान के अंदर जाकर मस्तिष्क को सम्प्रेषित होती है। जब इन्हीं तरंगों में अवरोध होता है तो बधिरता या बहरापन की स्थिति होती है। कान की आंतरिक भागों की नसों के कारण अवरोध होने पर बधिरता रोग होता है। वास्तव बधिरता रोग मनुष्य को एक अजीब स्थिति में ला देता है,जिससे वह कुछ सुन पाने में अपने आपको असमर्थ पाता है या कुछ से कुछ आंशिक बातें सुनकर हंसी का पात्र बनाने को विवश हो जाता है।

बधिरता के प्रकार :- (1) कंडक्टिव बहरापन - कान का मैल या फंगस,कान का बहना,पर्दे में छेड़ हो जाना,कान की हड्डी स्टेपीज का छोटा हो जाना,चोट लगना। 

(2) सेन्सरी न्यूरल बहरापन - पैदाइशी बहरापन,ध्वनि प्रदूषण,प्रेशर हॉर्न,तेज जेनेरेटर,अधिक उम्र के कारण। 

लक्षण :- कान में भारीपन,कान में दर्द,चक्कर आना,कान से सांय - सांय के आवाज आना,सुनाई कम देना,सुनाई बिलकुल नहीं देना आदि बधिरता या बहरापन के प्रमुख लक्षण हैं। 

कारण :- बार - बार जुकाम होने,कान का बहना,ज्यादा मैल जमा हो जाना,कान में विद्रधि,खसरा,स्कारलेट ज्वर,टॉन्सिल के शोथ,नासारन्ध्रों में अवरोध,नासागुहा रोग,वायु विवर के रोग,बुढ़ापा,बीमारी के कारण आदि बधिरता या बहरापन रोग के मुख्य कारण हैं। 

उपचार : - (1) दशमूल,अखरोट एवं बादाम के तेल की बूंदें कान में डालने से बधिरता रोग दूर हो जाता है। 

(2) ताजे गोमूत्र में एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर प्रतिदिन एक सप्ताह तक डालने से बधिरता रोग का नाश हो जाता है। 

(3) आकड़े के पके हुए पीले पत्ते को साफ़ कर उस पर सरसों का तेल लगाकर गर्म करके उसका रस निकालकर दो - तीन बून्द प्रतिदिन सुबह - शाम डालने से बधिरता रोग दूर हो जाता है। 

(4) काकजंघा के पत्तों के रस को गर्म करके दो - तीन बून्द डालने से बधिरता या बहरापन रोग दूर हो जाता है। 

(5) जैतून के पत्तों के रस में बराबर की मात्रा शहद मिलाकर गुनगुना कर कान में डालने से बधिरता या बहरापन एक ही महीने में दूर हो जाता है। 

(6) बादाम के तेल में लहसुन की कलियों को डालकर पका लें और छानकर रख ले। इस तेल को कान में डालने से बधिरता या बहरापन रोग दूर हो जाता है। 

(7) अजवाइन के तेल को प्रतिदिन कान में डालने से बधिरता या बहरापन दूर हो जाता है। 

(8) राइ के तेल को गर्म करके दो - तीन बूंदें कान में डालने से बहरापन दूर हो जाता है। 

(9) दूब की घास को घी में डालकर पका लें और दो - तीन बून्द कान में डालने से बधिरता या बहरापन रोग दूर हो जाता है। 


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